IdeaMonk

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Tuesday, September 30, 2008

NinComPoop !! all ready for shaastra 2008

Finally after a long wait I have come up with my first 2D side scroller game. I always wanted to make one, thanks to Pwnd! at Shaastra 2008, iit Chennai, the dream came to reality within 3 days of sleepless frustrations. Today is the last date for submission, I hope I get through, or atleast some people enjoy playing this mario style game [:P]

Short description for contest -
Nincompoop is a fool who has been challenged by his friends to dare to enter the silent hills.No one has come back alive from the Silent Hills ever. Nincompoop thinks that if he can come back alive, he can prove to his friends that he is not a mere fool and would never be laughed at again. Help nincompoop in his quest to prove to the world that he is the best!

Controls:
left right - movement
left alt - jump
left control - boost
spacebar - attack


after fixing and adding one more level, I will give you the final much better n funnier nincompoop.

The end result - 5 days filled with fun @ iit-m
2nd prize in Game programming! (nincompoop @ pwned!)
2nd in Hacking Contest
Cash! entire trip was rendered free!

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Monday, September 15, 2008

जो बीत गई सो बात गई (Jo Beet gayi so baat gayi)

जीवन में एक सितारा था
माना वह बेहद प्यारा था
वह डूब गया तो डूब गया
अंबर के आंगन को देखो
कितने इसके तारे टूटे
कितने इसके प्यारे छूटे
जो छूट गए फ़िर कहाँ मिले
पर बोलो टूटे तारों पर
कब अंबर शोक मनाता है
जो बीत गई सो बात गई

जीवन में वह था एक कुसुम
थे उस पर नित्य निछावर तुम
वह सूख गया तो सूख गया
मधुबन की छाती को देखो
सूखी कितनी इसकी कलियाँ
मुरझाईं कितनी वल्लरियाँ
जो मुरझाईं फ़िर कहाँ खिलीं
पर बोलो सूखे फूलों पर
कब मधुबन शोर मचाता है
जो बीत गई सो बात गई

जीवन में मधु का प्याला था
तुमने तन मन दे डाला था
वह टूट गया तो टूट गया
मदिरालय का आंगन देखो
कितने प्याले हिल जाते हैं
गिर मिट्टी में मिल जाते हैं
जो गिरते हैं कब उठते हैं
पर बोलो टूटे प्यालों पर
कब मदिरालय पछताता है
जो बीत गई सो बात गई

मृदु मिट्टी के बने हुए हैं
मधु घट फूटा ही करते हैं
लघु जीवन ले कर आए हैं
प्याले टूटा ही करते हैं
फ़िर भी मदिरालय के अन्दर
मधु के घट हैं,मधु प्याले हैं
जो मादकता के मारे हैं
वे मधु लूटा ही करते हैं
वह कच्चा पीने वाला है
जिसकी ममता घट प्यालों पर
जो सच्चे मधु से जला हुआ
कब रोता है चिल्लाता है
जो बीत गई सो बात गई

हरिवंशराय बच्चन

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